आयुष्मान खुराना (Ayushmann Khurrana) द्वारा पढ़ी गई ये कविता लेखक गौरव सोलंकी (Gaurav Solanki) ने लिखी है. यह कविता पुरुषों के लिए तय किए गए कई पैमानों को तोड़ते हुए और उनपर तीखी टिप्पणी करती है.from Latest News बॉलीवुड News18 हिंदी https://ift.tt/2OcDa7F
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